हनुमानजी के प्रेम और भक्ति की सराहना देवता, मनुष्य, मुनि, शंकरजी, व्रह्माजी, विष्णुजी और स्वयं भगवान श्रीराम भी करते हैं ।
शंकरजी, व्रह्माजी, विष्णुजी और स्वयं भगवान श्रीराम हनुमान जी के चरित सुनते हैं ।धन्य हैं हनुमानजी । हनुमानजी की कीर्ति सभी लोकों में छाई हुई है । हनुमानजी के प्रेम, भक्ति और यश-कीर्ति का गायन शेष, महेश भी नहीं कर सकते-
धन-धन्य कीरति जग छाई ।
शेष महेश सकहिं नहिं गाई ।।