नमस्तुभ्यं भगवते विशुद्धज्ञानमूर्तये आत्मारामाय रामाय सीतारामाय वेधसे ।।


नमस्ते राम राजेन्द्र नमः सीतामनोरम नमस्ते चंडकोदण्ड नमस्ते भक्तवत्सल ।।


दीन मलीन हीन जग मोते । रामचंद्र बल जीवत तेते ।।

Sunday, March 22, 2026

भगवान श्रीराम ने अपने विराट रूप को दिखाने के लिए किसको दिव्य नेत्र प्रदान किया था


जनकपुर में शिव‌ धनुष तोड़ने के उपरांत राम जी ने अपना विराट रूप परशुराम जी को दिखाया था ।


 भगवान श्रीराम ने अपने विराट रूप को दिखाने के लिए  परशुराम जी को दिव्य नेत्र  प्रदान किया था ।। 


।। जय श्रीराम ।।   

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