भगवान शंकरजी पार्वतीजी से कहते हैं कि हनुमानजी के समान बड़ा
भाग्यशाली दूसरा कोई नहीं है । और न ही कोई हनुमानजी के समान राम जी के
चरणों में प्रेम करने वाला है ।
हे गिरिजा ! जिनकी अर्थात हनुमानजी की प्रीति और सेवा का वर्णन बार-बार स्वयं प्रभु राम ने किया है । उनके समान दूसरा कौन होगा ?
इस प्रकार बड़ा भाग्यशाली होने में और राम
चरण अनुरागी होने में हनुमानजी महाराज अद्वितीय है ।
।। जय श्रीहनुमानजी ।।
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