नमस्तुभ्यं भगवते विशुद्धज्ञानमूर्तये । आत्मारामाय रामाय सीतारामाय वेधसे ।।


नमस्ते राम राजेन्द्र नमः सीतामनोरम । नमस्ते चंडकोदण्ड नमस्ते भक्तवत्सल ।।


दीन मलीन हीन जग मोते । रामचंद्र बल जीवत तेते ।।
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Saturday, June 7, 2025

रावण के सिंहासन की सीढ़ी के पायदान

 सीढ़ियों में पायदान लगे होते है | पायदान पर पैर रखकर ऊपर जाया जाता है | सामान्यतः पायदान लकड़ी, लोहे आदि के बने होते हैं | लेकिन रावण के सिंहासन की सीढ़ी के पायदान ऐसे नहीं थे |


लंका का राजा रावण जिस सीढ़ी से अपने सिंहासन पर जाता था उस सीढ़ी के नव पायदान की जगह उसने नव ग्रहों को रख रखा था |

इस प्रकार रावण के सिंहासन की सीढ़ी के नव पायदान नौ ग्रह थे | रावण इनके ऊपर पैर रखते हुए अपने सिंहासन पर जाता था |


|| जय श्रीराम ||

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