नमस्तुभ्यं भगवते विशुद्धज्ञानमूर्तये आत्मारामाय रामाय सीतारामाय वेधसे ।।


नमस्ते राम राजेन्द्र नमः सीतामनोरम नमस्ते चंडकोदण्ड नमस्ते भक्तवत्सल ।।


दीन मलीन हीन जग मोते । रामचंद्र बल जीवत तेते ।।

Sunday, August 2, 2026

सीता शक्ति रूप बल भारी मूलकासुर आदिक संघारी

 

सामान्यतया लोग सोचते हैं कि सीता जी का रावण हरण कर ले गया । और वे रक्षा और सहायता के लिए पुकारती रहीं । स्वयं अपनी रक्षा नहीं किया या नहीं कर सकी । इसका मतलब सीताजी साधारण स्त्री हैं । लेकिन ऐसा सोचना, समझना, मानना या कहना बिल्कुल गलत है ।


  सीताजी आदि शक्ति है । इस संसार की मूलाधार शक्ति हैं । सीताजी में बहुत बल है और सीताजी ने भी कई राक्षसों का वध किया है-


सीता शक्ति रूप बल भारी 

मूलकासुर आदिक संघारी ।।

 

 

 

 

No comments:

Post a Comment

इस पोस्ट पर अपनी टिप्पणी दें

लोकप्रिय पोस्ट